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ChhattisgarhAstrology & VastuJanjgir–Champa

संत और महापुरुषों और उनकी महत्ता: महापुरुषों को शास्त्रों का गहरा ज्ञान होता हैं और वह इसका उपयोग दूसरों की मदद के लिए करते हैं – डॉ स्वामी जी

  • प्रतिदिन सुमधुर भजन-कीर्तन के साथ सायंकाल आध्यात्मिक प्रवचन 

जांजगीर-चांपा:- संत और महापुरुष एक ऐसे चलते-फिरते व्यक्ति होता हैं जिनसे जीवन में आत्म-साक्षात्कार प्राप्त होता हैं और वह दूसरों को भी इस सन्मार्ग पर चलने में मदद करते है । महापुरुष की महत्ता को समझने के लिए हमें उनकी भूमिका और उनके सदप्रेरक कार्यों को समझना होगा । प्रतिदिन प्रातःकाल 7 बजे से और सायंकाल 7 बजें से होने वाले दार्शनिक और अध्यात्मिक ज्ञान गंगा प्रवाहित करते हुए ब्रज गोपिका सेवा मिशन द्वारा आयोजित प्रवचन के दसवें दिन व्यासपीठ से डॉ स्वामी युगल शरण जी महाराज ने कही।

 

आध्यात्मिक गौरव सम्मान से नवाजे गए, स्वामी डॉ युगल शरण जी महाराज- दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर प्रांगण में चल रहे 21 दिवसीय दार्शनिक एवं आध्यात्मिक प्रवचन के दसवें दिन व्यासपीठ पर विराजमान डॉ स्वामी युगल शरण जी महाराज ने स्वर्णकार समाज के ऊर्जावान रमेश कुमार सोनी तथा अन्यान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया और उन्हें बारी-बारी से श्रीमद्भागवत गीता ग्रंथ तथा राधे-राधे दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया । रमेश कुमार सोनी ने अपने सम्मान से अभिभूत होकर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रणधीर कुमार तथा छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष डॉ जतिंदर पाल द्वारा अनुमोदित आध्यात्मिक गौरव सम्मान-2025 से सम्मानित किया गया । इतना ही नहीं उन्हें पशुपति नाथ नेपाल द्वारा लाये हुए रुद्राक्ष की माला तथा पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया । रमेश कुमार सोनी राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो जांजगीर-चांपा में जिलाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं जो कि निरन्तर समाज सेवा के कार्य में वर्ष 2022 से सेवारत हैं । यह संस्था मानव संबंधी होने वाले अपराधों को जन-जागरूकता के माध्यम प्रचार-प्रसार एवं निराकरण का कार्य करती हैं । रमेश सोनी बिहान छत्तीसगढ़ के प्रेस रिपोर्टर का कार्य कर रहे हैं । स्वर्णकार समाज के मीडिया प्रभारी तथा साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने उन्हें बधाई और शुभकामना देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की हैं ।

महराजश्री ने कहा कि भगवान जब इस संसार में आते हैं तब एक ज्ञानी और दुसरे अज्ञानी होते हैं। ज्ञानी उपदेश देते हैं और अज्ञानी उन उपदेशों को ध्यान से सुनकर अपनाते हैं। महाभारत के युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ज्ञानी बनकर नर नारायण के अवतार अर्जुन को धर्म मार्ग पर चलने की सीख दे रहे हैं। भगवान के सदृश्य संत-महात्मा व महापुरुष आज मनुष्य की शंकाओं का समाधान करने में लगे हुए हैं। भगवान और महापुरुष संसार में आते हैं तथा जीव का कल्याण करते हैं । डॉ स्वामी युगल शरण जी के द्वारा दिए गए दार्शनिक प्रवचनों को लिपिबद्ध करते हुए लोक किरण के प्रतिनिधि शशिभूषण सोनी ने प्रेस को साझा किया । उन्होंने बताया कि महाराज जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महापुरुषों के कार्य केवल जीव कल्याण के लिए होते हैं , उनका कोई व्यक्तिगत उद्देश्य नहीं होता हैं । महापुरुष हमेशा दूसरों की मदद करते हैं और उन्हें आत्म-साक्षात्कार की दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

महापुरुषों की आखिर पहचान कैसे होती हैं- महापुरुषों की संसार में पहचान करना आसान नहीं हैं लेकिन कुछ लक्षणों के आधार पर हम उन्हें पहचान सकते हैं। महापुरुषों के कुछ लक्षणों को आचार्य महाराज ने इस प्रकार श्रद्धालु भक्तों को समझाया –

वेद पुराण और शास्त्रों का ज्ञान – महापुरुषों को वेद और शास्त्रों का गहरा ज्ञान होता हैं और वह इसका उपयोग दूसरों की मदद करने के लिए करते हैं।

निष्काम भाव– महापुरुषों के कार्य निष्काम भाव से होते हैं और वह किसी भी प्रकार के फल की अपेक्षा नहीं करते हैं ।

महापुरुषों की शरण में जाना…महापुरुषों की शरण में जाने से हर व्यक्ति लाभान्वित होते हैं। वह हमें आत्म-साक्षात्कार की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं और हमें अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में बदलने में मदद करते हैं । महापुरुषों की शरण में जाने से हमें आत्मीक शांति और सुख की प्राप्ति होती हैं ।

महापुरुष और भगवान अपने आप को छिपाते नहीं है , लेकिन इनकी क्रियाएं सन्मार्ग की ओर ले जाती हैं…अंत में सारगर्भित वाक्यांश । महापुरुष एक ऐसे व्यक्ति होते हैं जिसने अपने जीवन में आत्म साक्षात्कार प्राप्त कर लिया हैं और वह दूसरों को भी इस मार्ग पर चलने में मदद करते हैं । महापुरुषों की महत्ता को समझने के लिए हमें उनकी भूमिका और उनके कार्यों को समझना होगा । महाराज श्री ने कहा कि महापुरुष और भगवान अपने आपको छिपाते नहीं है बल्कि लोगों के समक्ष प्रकट करते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को संत महापुरुषों की शरण में जाना चाहिए इससे बहुत लाभ मिलता हैं ।

Lakheshwar Yadav

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