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किचन गार्डन में लगाएं ये खास पौधा, घर बैठे पाएं रोजमर्रा की बीमारियों से पाएं छुटकारा, जानिए कैसे करे उपयोग…

 

अगर आप किचन गार्डन लवर है और अपने अपने घर पर अलग-अलग प्रकार के पौधे लगाए हुए हैं, तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके किचन गार्डन की खूबसूरती को बढ़ाने के साथ छोटी-मोटी आम बीमारियों में भी फायदेमंद साबित होगा. मरुआ के बारे में आप जानते होंगे इसका का पौधा न केवल सुगंधित पौधा है, बल्कि इसके पत्ते कई बीमारियों में घरेलू इलाज के रूप में काम आते हैं. यही कारण है कि लोग इसे किचन गार्डन में लगाना पसंद करते हैं, ताकि रोजमर्रा की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान घर पर ही हो सके.

जानिए कैसे लगाएं मरुआ का पौधा…मरुआ का पौधा लगाने के लिए सबसे पहले गमला या गार्डन की क्यारी चुनें. इसमें उपजाऊ मिट्टी डालें और उसमें थोड़ी सी खाद मिलाए. इसके बाद मरुआ के बीज या कटिंग को मिट्टी में डालकर हल्का पानी दें. पौधा 7-10 दिनों में अंकुरित हो जाता है ध्यान रखें कि इसे सीधी धूप की जरूरत होती है, लेकिन बहुत ज्यादा गर्मी में इसे हल्की छांव भी दें. नियमित रूप से पानी देते रहें, लेकिन पौधे की जड़ों में पानी जमा न हो. किचन गार्डन में मरुआ लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसकी पत्तियां तुरंत उपयोग के लिए मिल जाती हैं. मरुआ का पौधा किचन गार्डन में होना किसी दवा से कम नहीं है.

व्रत के लिए यह पौधा भी फायदेमंद हैं…व्रत से पहले महिलाएं इससे बनी रोटी खाती हैं. वजह है इसमें मौजूद पोषक तत्व, जो 24 घंटे से भी ज्यादा के व्रत में ऊर्जावान बनाए रखते हैं. बच्चों में पेट में कीड़े की समस्या एक सामान्य बात है. यह समस्या अक्सर पेट दर्द और उल्टी जैसी परेशानियों का कारण बनती है. मरुआ के पत्तों का रस इस समस्या को दूर करने में मदद करता है.

पत्तियां अपच की समस्या को दूर करने में सहायक…. मरुआ की चटनी से न केवल अपच की समस्या दूर होती है, बल्कि यह भूख बढ़ाने में भी मदद करती है. मरुआ का नियमित सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और पेट संबंधित समस्याओं को कम करता है. मरुआ की पत्तियां सर्दी-जुकाम और खांसी में राहत देती हैं. मरुआ को मुलेठी के साथ खाने से सर्दी-खांसी में राहत मिलती है. इसका नियमित रूप से सेवन करने से श्वसन तंत्र को भी फायदा होता है.

सिरदर्द और माइग्रेन के मरीजों के लिए भी मरुआ का पौधा बहुत फायदेमंद है। इसके रस का सेवन या पत्तियों का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है। यह प्राकृतिक रूप से सिरदर्द को दूर करने का उपाय है। वहीं, मुंह की दुर्गंध और मसूड़ों की समस्या में भी इसकी पत्तियां असरदार होती हैं।

अगर गले में खराश हो या मुंह से बदबू आए तो मरुआ की पत्तियों को पानी में उबालकर गरारे करना फायदेमंद है। मसूड़ों की सूजन भी इससे कम हो जाती है। ऐसे में मरुआ का पौधा न सिर्फ गार्डनिंग के लिए अच्छा है, बल्कि छोटे-छोटे घरेलू रोगों का प्राकृतिक इलाज भी है। इसलिए इसे हर घर के किचन गार्डन में जरूर लगाना चाहिए।

 

Lakheshwar Yadav

Office Add. - Link Road, Angel Sports Complex Janjgir, 495668 Mob.9755932150

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